Published:
25 Mar 2026, 06:18 AM
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Updated:
25 Mar 2026, 06:19 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून में जिज्ञासा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन द्वारा “भारत में बदलता मीडिया परिदृश्य: चुनौतियां, अवसर और नवाचार” विषय पर राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में देशभर से आए मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर मीडिया के वर्तमान और भविष्य को लेकर गंभीर मंथन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) गोविंद सिंह ने कहा कि आज मीडिया तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ रहा है, जिससे सूचना के प्रसार की गति काफी बढ़ी है। लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज और विश्वसनीयता की चुनौती भी गंभीर रूप से सामने आई है। उन्होंने मीडिया संस्थानों से तकनीकी नवाचार अपनाने और निष्पक्ष पत्रकारिता को बनाए रखने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) इरफान खान और मनीष रस्तोगी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य को समझना युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सत्य, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को पत्रकारिता की नींव बताया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) शंकर रामामूर्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि AI ने कंटेंट निर्माण को तेज और प्रभावी बना दिया है और यह मीडिया क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।
डीन प्रो. (डॉ.) सुरेश चंद्र नायक ने मीडिया एथिक्स और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और जिम्मेदार मीडिया बेहद जरूरी है।
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स, कंटेंट क्रिएशन और AI के प्रभाव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रिंट और टीवी मीडिया भी तेजी से डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं और सभी माध्यमों का एकीकरण समय की मांग बन चुका है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही मीडिया क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मीडियाकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
