"Bum से सांस": मजाक नहीं, विज्ञान है! जापानी वैज्ञानिकों की इस खोज ने दुनिया को चौंकाया

Published: 24 Mar 2026, 12:07 PM   |   Updated: 24 Mar 2026, 12:12 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

कल्पना कीजिए कि अगर फेफड़े काम करना बंद कर दें, तो क्या शरीर के किसी और हिस्से से सांस ली जा सकती है? जापानी वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढूंढ लिया है—और वह जवाब है आपका Bum (पिछला हिस्सा)। सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म या मजाक जैसा लग सकता है, लेकिन यह एक गंभीर मेडिकल रिसर्च है जिसे ‘एंटरल वेंटिलेशन’ कहा जाता है।

कछुओं से मिली प्रेरणा वैज्ञानिकों ने गौर किया कि कुछ कछुए सर्दियों में अपने पिछले रास्ते (Cloaca) से सांस लेकर जीवित रहते हैं। इसी तर्ज पर चूहों और सूअरों पर प्रयोग किया गया। रिसर्च में पाया गया कि आंतों की दीवारों को हल्का सा रगड़कर पतला करने से ऑक्सीजन का सीधा रक्त धमनियों में पहुंचना आसान हो जाता है।

अवॉर्ड और भविष्य की उम्मीद इस अनोखी खोज के लिए वैज्ञानिकों को पिछले साल Ig Nobel Prize (फिजियोलॉजी) से नवाजा गया। यह पुरस्कार उन खोजों को मिलता है जो पहले हंसाती हैं, फिर सोचने पर मजबूर कर देती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह तकनीक इंसानों पर पूरी तरह सफल रही, तो वेंटिलेटर की कमी या फेफड़ों की गंभीर बीमारी की स्थिति में यह एक बेहतरीन 'बैकअप रेस्पिरेटरी सिस्टम' साबित हो सकता है।

×