Published:
25 Mar 2026, 03:58 PM
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Updated:
25 Mar 2026, 04:00 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस भव्य आयोजन में देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा एवं दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सांस्कृतिक गौरव और सादगीपूर्ण जीवन शैली का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंच जनजातीय परंपराओं को नई पहचान देने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की विविधता और प्राचीन परंपराओं का मजबूत आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास का संदेश देता है और सीमांत क्षेत्रों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में अहम योगदान निभाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के विकास हेतु उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाओं से शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर बने हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाना ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। 128 जनजातीय गांवों के समग्र विकास, एकलव्य विद्यालयों के संचालन और निर्माण, छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा और निःशुल्क कोचिंग जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। साथ ही जनजातीय युवाओं के लिए देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
