Published:
25 Mar 2026, 03:45 PM
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Updated:
25 Mar 2026, 03:47 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्वतीय क्षेत्रों की पारिस्थितिकी को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित पुराने नौले, गाड़ और गधेरे सूखने की कगार पर हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जलवायु संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि पेड़-पौधे लगाने से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि सूखते जल स्रोतों का भी पुनर्भरण (रीचार्ज) संभव हो सकेगा।
मंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जल संरक्षण के लिए ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेड़ लगाना केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन के संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।
इसके साथ ही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में कहीं भी पर्यावरण नियमों का उल्लंघन न हो, इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में सचिव पर्यावरण आर.के. सुधांशु, अपर सचिव पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव कल्याणी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
