Published:
12 May 2026, 05:55 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
अल्मोड़ा। कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से लगे तड़म गांव में ग्रामीण को मारने वाले बाघ को आखिरकार काबू में कर ही लिया गया। पूर्व नियोजित रणनीति के तहत विशेषज्ञ शूटर दल ने उसके व्यवहार व गतिविधियों के तौर तरीकों का अध्ययन किया और उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित कैद कर लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कुछ दिनों से बाघ की हिंसक गतिविधियों के चलते ग्रामीणों में दहशत बनी हुई थी। शाम ढलते ही गांव के लोग घर में कैद होने को मजबूर थे। इलाके का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। इसी के साथ ही हिंसक वन्यजीव बाघ था या गुलदार, संशय दूर हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार तड़म में एक माह में दो घटनाओं में यही वयस्क नर बाघ शामिल रहा। उसे देर रात बेहोश करने के बाद रामनगर स्थित कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया गया। डीएफओ दीपक सिंह ने उम्मीद जताई है कि तड़म वासियों को मानव वन्यजीव टकराव से निजात मिल गई है। इसके बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
